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कर्मयोगी सक्षमता मॉडल (केसीएम) सक्षमता-आधारित क्षमता विकास में आत्मनिर्भरता का परिचायक है। इससे एक सक्षम, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित सिविल सेवा विकसित करने की प्रतिबद्धता को बल मिलता है। यह मॉडल भारतीय ज्ञान से प्रेरित है और मिशन कर्मयोगी के सिद्धांतों को आगे बढ़ाता है।
- केसीएम क्षमता-विकास विषय के लिए अपेक्षित सक्षमता को परिभाषित करेगा।
- iGOT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रम को केसीएम फ्रेमवर्क में सक्षमताओं से जोड़ा जाएगा।
- अधिकारी केसीएम में निर्धारित संकल्पों और गुणों की प्राप्ति का प्रयास करेंगे।
- अधिकारियों में जिन सक्षमताओं के विकसित किए जाने की आवश्यकता है, उन पर आधारित कोर्स उन्हें दिखाए जाएंगे।
उद्देश्य
कर्मयोगी सक्षमता फ्रेमवर्क के अंतर्गत भारत सरकार के अधिकारियों को अपनी भूमिकाओं के दक्षतापूर्वक निर्वाह के लिए जिन सक्षमताओं की आवश्यकता है उन्हें सीखने से सबंधित सभी विषयों को शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण एवं क्षमता-विकास अभ्यासों में सक्षमताओं को सीधे-सीधे जोड़े जाने से इस फ्रेमवर्क द्वारा मंत्रालय, विभाग और संगठन नियम-आधारित प्रणाली से अधिक भूमिका -आधारित सोच विकसित कर पाएंगे। इस परिवर्तनकारी पहल को अनुपालन प्रक्रिया मात्र नहीं समझा जाना चाहिए बल्कि सिविल सेवकों को अपने उत्तरदायित्वों के अनुरूप सेवा प्रदान करने की योग्यता बढ़ाने का पथ प्रशस्त करने वाले एक सुव्यवस्थित प्रयास के रूप में लिया जाना चाहिए।
केसीएम से जुड़ने से सरकारी प्रशासन में प्रतिभाओं की खोज करने, उन्हें विकसित करने, उनके प्रबंधन और तैनाती में मदद मिलेगी। इससे मंत्रालय, विभाग और संगठन प्रत्येक भूमिका की सक्षमताएं स्पष्टतया परिभाषित कर पाएंगे, उनके अनुरूप कार्यबल के निष्पादन पर नजर रख सकेंगे और सुधार के लिए ठोस लक्ष्य निर्धारित कर पाएंगे। इस व्यवस्था से बेहतर कार्यबल कार्यक्रम, पदस्थापना एवं उत्तराधिकारी प्रबंधन और इसके द्वारा सही समय पर सही भूमिकाओं के लिए सही लोगों की तैनाती सुनिश्चित हो सकेगी।
अंततोगत्वा, केसीएम फ्रेमवर्क अपनाए जाने से न केवल सरकारी कार्यबल की दक्षता और प्रभावशीलता बढ़ेगी अपितु कतिपय भूमिकाओं के लिए उपयुक्त कार्यबल मिल पाएगा, सीखने से उनका निष्पादन बेहतर होगा और उनमें जवाबदेही की भावना विकसित होगी तथा समग्रत: निरंतर विकास का परिवेश निर्मित होगा।
संकल्पनात्मक फ्रेमवर्क
कर्मयोगी सक्षमता मॉडल (केसीएम) भारत का पहला स्वदेशी सार्वजनिक क्षेत्र मानव संसाधन प्रबंधन फ्रेमवर्क है। भारत के सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक परिवेश से जुड़े होने के कारण यह सक्षम, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित सिविल सेवा विकसित करने के लिए आवश्यक मूल्यों, कौशलों और व्यवहारों को परिभाषित करता है। सबके लिए समान वैश्विक मॉडलों से भिन्न केसीएम को भारत की प्रशासनिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर विकसित भारत की आकांक्षाओं के अनुरूप तैयार किया गया है।
वैश्विक मानदंड
यद्यपि केसीएम की रूपरेखा अनन्यत: भारतीय है तथापि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्य निम्नलिखित फ्रेमवर्कों को भी साथ-साथ ध्यान में रखा गया है:
विकास प्रक्रिया
यह मॉडल गहन अध्ययन एवं हितधारक को सम्मिलित कर तैयार किया गया है। इसमें निम्नलिखित को समाविष्ट किया गया है:
प्रेरणा एवं प्रमुख सिद्धांत
कर्मयोगी सक्षमता मॉडल (केसीएम) के सिद्धांत भारतीय ज्ञान प्रणालियों (आईकेएस) पर आधारित हैं एवं माननीय प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित पंच प्राणों से प्रेरित हैं
सक्षमता फ्रेमवर्क
केसीएम की सक्षमता श्रेणियों के निम्नलिखित दो प्रमुख प्रभाव-क्षेत्र हैं:
मिशन कर्मयोगी के साथ समलक्ष्यता
केसीएम मिशन कर्मयोगी के निम्नलिखित पांच उद्देश्यों का सीधे-सीधे अंगीकरण करता है:
परिवर्तनकारी बदलाव
कर्मयोगी सक्षमता मॉडल भारत के प्रशासन दर्शन में मूलभूत परिवर्तन लाया है:
महत्व
केसीएम सक्षमता-आधारित क्षमता विकास में आत्मनिर्भरता का परिचायक है। यह परिभाषित करता है कि सार्वजनिक कार्मिकों के लिए क्या जानना, क्या कार्य करना और क्या विचार करना आवश्यक है। इससे भविष्योन्मुखी, नागरिक-केंद्रित और जवाबदेह सिविल सेवा बनाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को बल मिलता है।